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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली सराहन में उनकी प्रतिमा का रविवार को भव्य अनावरण किया गया
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह ने करीब पांच दशक तक प्रदेशवासियों के दिलों पर राज किया
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सहित कई प्रमुख नेताओं ने आधुनिक हिमाचल के निर्माण में उनके योगदान को याद किया
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का रविवार को उनकी जन्मस्थली सराहन में अनावरण किया गया। बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रतिमा के अनावरण के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लंबे राजनीतिक जीवन और हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास में उनके अतुलनीय योगदान को गहराई से याद किया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने केवल प्रदेश की राजनीति को ही दिशा नहीं दी, बल्कि लगभग पांच दशकों तक प्रदेशवासियों के दिलों पर राज किया और वह आधुनिक हिमाचल प्रदेश के सच्चे निर्माता थे। अपने राजनीतिक जीवन के संस्मरण साझा करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि वह वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला के विद्यार्थी रहे हैं और उनके मार्गदर्शन ने ही उन्हें जनसेवा की प्रेरणा दी है, जिसके चलते वह पिछले 25 वर्षों से लगातार विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि पूरा हिमाचल प्रदेश उनकी कर्मस्थली रहा है। उन्होंने कहा कि मां भीमाकाली को अपनी आराध्य शक्ति मानने वाले वीरभद्र सिंह अपने जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच भी अष्टमी के पावन अवसर पर आशीर्वाद लेने हमेशा सराहन आते थे। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी वीरभद्र सिंह के ‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ के विजन को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में प्रदेश को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक नई दिशा मिली। इस दौरान नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के उन्नयन और विकास कार्यों पर भी चर्चा की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके आदर्शों पर चलते हुए प्रदेश का विकास लगातार आगे बढ़ रहा है।



